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12 किन्तु तुम्हारे भाग्य का निर्धारण तो मैं करता हूँ। मैं तलवार से तुम्हें दण्ड दूँगा। जो तुम्हें दण्ड देगा, तुम सभी उसके आगे मिमिआने लगोगे। मैंने तुम्हें पुकारा किन्तु तुमने कोई उत्तर नहीं दिया। मैंने तुमसे बातें कीं किन्तु तुमने सुना तक नहीं। तुम उन कामों को ही करते रहे जिन्हें मैंने बुरा कहा था। तुमने उन कामों को करने की ही ठान ली जो मुझे अच्छे नहीं लगते थे।”

13 सो मेरे स्वामी यहोवा ने ये बातें कहीं।
“मेरे दास भोजन पायेंगे, किन्तु तुम भूखे मरोगे।
    मेरे दास पीयेंगे किन्तु अरे दुष्टों, तुम प्यासे मरोगे।
मेरे दास प्रसन्न होंगे किन्तु अरे ओ दुष्टों, तुम लज्जित होंगे।
14 मेरे दासों के मन खरे हैं इसलिये वे प्रसन्न होंगे।
    किन्तु अरे ओ दुष्टों, तुम रोया करोगे क्योंकि तुम्हारे मनों में पीड़ा बसेगी।
तुम अपने टूटे हुए मन से बहुत दु:खी रहोगे।

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